Story in Hindi language phaansee ka vichitr kaaran

By | June 10, 2019

Story in Hindi language फांसी का विचित्र कारण

Story in Hindi language – पुराने समय में एक गांव हुआ करता था उस गांव में एक यशवर्धन नाम का एक किसान रहा करता था वह काफी कठिन मेहनत किया करता था जिसके कारण धीरे-धीरे वह अमीर बनता गया और एक समय आया कि उसके पास काफी पैसे हो गया इन पैसों को लेकर वह अपना व्यापार शुरू करने के लिए दूसरे राज्यों में चला गया और वहां जाकर उसने अपनी अच्छी खासी पैठ बना ली

वह अक्सर ज्यादा बातें किया करता था और बातों ही बातों में कई बार ज्यादा बोल दिया करता था उसका एक दोस्त हुआ करता था जो कभी कभी उससे मिलने के लिए दूसरे राज्य में जाया करता एक दिन उसके दोस्त ने बोला यशवर्धन तुम कोई भी चीज बोलने से पहले एक दो बार सोचते क्यों नहीं हो तब यशवर्धन ने बोला देखो मुझे मत सिखाओ क्योंकि मैं तुमसे बहुत ज्यादा धनवान हूं और मैं बहुत सारे पैसे प्रतिदिन कमाता हूं इसका मतलब यह है कि मेरे अंदर कुछ ना कुछ तो है और तुम मुझे सिखा रहे हो सबसे पहले तुम बड़ा अमीर बन कर आओ मेरे बराबर फिर मुझे सिखाना उसकी बातों को सुनकर उसका मित्र वहां से यह कहते हुए चला गया कि अगर वह उसकी बातों  को गौर नहीं करेगा तो वह किसी बड़ी मुसीबत में जल्दी फसेंगे

सब कुछ अच्छा चल रहा था कि एक दिन अचानक उससे कुछ गलती हो गई जिसकी वजह से उसे फांसी की सजा सुनाई गई और अगले दिन उसे जब फाँसी दिया गया तो उसकी रस्सी टूट गई उस समय यह नियम था कि अगर फांसी की रस्सी टूट जाती तो उसे जीवन दान दे दिया जाता था अतः उसकी फांसी रोक दी गई

तभी यसवर्धन ने कहा की यहां के लोगो को रस्सी भी ठीक से बनाना नही आता उसकी इस बात को सुनकर वहां का राजा नाराज हो गया और उसे पुनः फांसी देने का आदेश दे दिया

इस लिये कहते है कि क़ोई भी बात कहने से पहले एक बार जरूर सोचना चाहिए

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