Kahani for kids in Hindi मोहन और साधू का मंत्र

By | March 11, 2019

Kahani for kids in Hindi मोहन और साधू का मंत्र

Kahani for kids in Hindi मोहन और साधू का मंत्र – एक समय की बात है एक गांव में एक मोहन नाम का किसान रहता था जो कि प्रतिदिन अपने खेतों में काम किया करता था लेकिन उसकी फसल अच्छी नहीं होती थी क्योंकि उसके पास जमीन भी कम थे और उतनी उपजाऊ जमीन भी नहीं थी जिसकी वजह से वह आए दिन भूखे ही सो जाया करता था अपने परिवार के साथ एक दिन जब वह अपने घर से काम करने के लिए निकल रहा था तभी उसे एक साधु महात्मा मिले उन्होंने उस से कहा कि वह बहुत ही भूखे हैं अगर थोड़ा बहुत भोजन मिल जाए तो उनकी भूख शांत हो सकती है

अतः मोहन ने अपने दोपहर के खाने का हिस्सा उस साधु महात्मा को दे दिया साधु महात्मा खाना खाने के बाद बहुत ही प्रसन्न हुए और उन्होंने उसकी गरीबी को देखते हुए एक मंत्र दिया उन्होंने उससे बताया कि इस मंत्र की तुम जितनी बार जाप करोगे उतने सोने के सिक्के तुम्हें मिलेंगे लेकिन एक चीज ध्यान रखना जीतनी बार इस मंत्र का जाप तुम अपने लिए करोगे उतनी ही बात तुम्हें इस मंत्र का जाप दूसरों के लिए करना पड़ेगा वह भी 24 घंटे के अंदर में अन्यथा तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी

मोहन इस बात को सुनकर के थोड़ा डरा लेकिन अंदर ही अंदर खुश भी था उसके बाद साधु महात्मा वहां से चले गए अगले ही दिन मोहन ने उस मंत्र के जाप किए और उसको 10 सोने के सिक्के मिल गए और साथ ही साथ उसने दूसरों के लिए भी 10 जाप कर दिए जिससे कि 10 सोने के सिक्के और मिले और वह उसे गरीबो में दान कर दिया अब इस प्रकार से वह प्रतिदिन करने लगा

एक दिन उसके मन में लालच आई और उसने सोचा कि क्यों ना मैं आज बहुत सारी मंत्र का जाप करके बहुत सारे सोने के सिक्के इकट्ठा कर लू और साथ ही साथ दूसरों के लिए भी इससे मुझे रोज रोज इस मंत्र का जाप ना करना पड़े ऐसा सोचकर वह मंत्र का जाप अपने लिए करने लगा और सोने के सिक्के उसके पास ऊपर से गिरने लगे ऐसा करते-करते वह इतना लालची हो गया सोने के सिक्कों को देख करके कि उसे समय का ज्ञान ही नहीं रहा और उसने देखा कि लगभग 20 घंटे बीत चुके हैं

जब उसे इस बात का अनुभव हुआ तो वह बहुत ही उदास हो गया क्योंकि अब 20 घंटे उसे गरीबों के लिए करने पड़ते लेकिन वह 1 दिन में 12 घंटे अपने लिए और 12 घंटे दूसरों के लिए ही कर सकता था लेकिन जब वह पहले से ही 20 घंटे अपने लिए कर चुका है तो दूसरों के लिए 4 ही घंटे ही बचे हैं अतः उसकी मृत्यु हो जाएगी इस बात को सोच कर के वह जोर जोर से रोने लगा लेकिन अब क्या हो सकता था क्योंकि समय तो निकल चुका था और इस तरह से उसकी मृत्यु हो गई

Moral of Kahani for kids in Hindi

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अगर हम संतुलन को बनाए रखें तो हम जीवन में बहुत आगे बढ़ सकते हैं लेकिन कहीं ना कहीं लालच की वजह से हम संतुलन को बना नहीं पाते हैं और अपने बारे में ही ज्यादा सोचते हैं जिसकी वजह से हमारे रिश्ते नाते सब टूट जाते हैं और अंत में जाकर के हम अकेले पड़ जाते हैं अतः हमें लालच को छोड़कर के दूसरों के बारे में भी कुछ सोचना चाहिए

हमने इस ” Kahani for kids in Hindi “कहानी के माध्यम से आप सभी को रोमांचित और हँसाने की कोशिश की है हम सब उमीद करते है की आप सभी को यह ” Kahani for kids in Hindi “कहानी अच्छी लगी होगी हमारी और नई कहानियाँ पढने के लिए बेल के आइकॉन पर क्लिक करके allow करके सब्सक्राइब कर ले जिससे हम जब भी नई कहानी पोस्ट करे तो सीधे आप सभी के पास पहुच सके

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